पहाड़ों पर हिमपात और मैदानी राज्यों में बारिश
नए साल २०२६ की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी शुरू हो गई है। श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और रोहतांग पास जैसे क्षेत्रों में सफेद चादर बिछ गई है। इसका असर मैदानी इलाकों पर भी दिख रहा है, जहां पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
तापमान में गिरावट और ३ जनवरी से बढ़ेगी ठंड
हवामान विभाग के अनुसार, वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ २ जनवरी से कमजोर होने लगेगा, लेकिन उसके तुरंत बाद ३ जनवरी से उत्तर दिशा से ठंडी बर्फीली हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। इससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आएगी और कड़ाके की सर्दी यानी ‘कोल्ड वेव’ (Cold Wave) की स्थिति बन सकती है। गनीमत यह है कि हवा की गति तेज होने के कारण कोहरे की सघनता में कुछ कमी आएगी, जिससे दिल्ली के प्रदूषण स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल घना कोहरा बना रहेगा।









