पश्चिमी विक्षोभ का असर और नए साल पर बारिश
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने नया अपडेट जारी किया है। ३१ दिसंबर २०२५ को साल के आखिरी दिन एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक दे चुका है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में मध्यम से भारी बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भी अच्छी बर्फबारी देखी जा सकती है। इसका असर मैदानी राज्यों पर भी पड़ेगा, जहां पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी नए साल की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हो सकती है।
तापमान में गिरावट और कोल्ड डे की स्थिति
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के जैसलमेर और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। १ जनवरी २०२६ को यह सिस्टम और सक्रिय होगा, जिससे पूर्वी राजस्थान, दिल्ली और पंजाब-हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। घने बादलों और बारिश के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बन सकती है। उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी दिन के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगी। नए साल का स्वागत उत्तर और पूर्वी भारत में घने कोहरे के साथ होने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम रह सकती है।









