उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में वर्तमान में किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के अभाव में मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली बर्फीली हवाओं ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। आसमान में घने कोहरे की एक ऊंची परत जमी होने के कारण सूरज की किरणें धरती तक नहीं पहुँच पा रही हैं, जिससे दिन का तापमान सामान्य से ६ से ७ डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है। पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में अधिकतम तापमान १२ से १४ डिग्री के बीच रहने से ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में बना गहरा दबाव का क्षेत्र (Depression) अब श्रीलंका के बेहद करीब पहुँच गया है। इसके प्रभाव से श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में पिछले ४८ घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह सिस्टम अब धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में तमिलनाडु के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ९ और १० जनवरी को तमिलनाडु के तटीय जिलों, विशेष रूप से कन्याकुमारी, रामनाथपुरम, नागापट्टनम और तंजावुर में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
हवामान विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक हिमालयी क्षेत्रों में किसी भी बड़े हिमपात (Snowfall) की संभावना नहीं है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन बादलों की अनुपस्थिति के कारण रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। शिमला, मनाली और ऋषिकेश जैसे पर्यटन स्थलों पर रात की ठंड और अधिक बढ़ सकती है। पहाड़ों पर बर्फबारी न होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क और चुभने वाली ठंड का दौर जारी रहेगा।
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर और बीकानेर) में रात का तापमान ४ से ५ डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है, जिससे पाला (Frost) पड़ने की संभावना बनी हुई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर (Cold Wave) चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके विपरीत, गुजरात और दक्षिण महाराष्ट्र में दिन का मौसम सुहावना रहेगा, हालांकि रात के समय हल्की ठिठुरन महसूस की जाएगी।
महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में १० और ११ जनवरी के आसपास बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। दक्षिण भारत के इस सिस्टम के कारण केरल और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शेष भारत में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा।