भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, साल २०२६ का पहला दबाव का क्षेत्र (Depression) ७ जनवरी को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में विकसित हुआ था। ८ जनवरी की सुबह तक यह और अधिक तीव्र होकर ‘डीप डिप्रेशन’ (Deep Depression) में बदल गया है। वर्तमान में यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हिंद महासागर के क्षेत्रों में सक्रिय है। अगले ३६ घंटों के दौरान इसके और अधिक मजबूत होने और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। यह सिस्टम ९ जनवरी की शाम या रात तक श्रीलंका के तट को पार कर सकता है।
इस ‘डीप डिप्रेशन’ के प्रभाव से दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। ९ और १० जनवरी को तमिलनाडु के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही, १० जनवरी को केरल में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। मछुआरों को समुद्र की खराब स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले एक सप्ताह से उत्तर भारत के विशाल भूभाग, विशेष रूप से भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाया हुआ है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में कोहरे का प्रभाव काफी बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी दृश्यता काफी कम दर्ज की गई है। इसके साथ ही, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आई है।
आगामी दो हफ्तों के लिए न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। ९ और १० जनवरी को हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। वहीं, ९ से ११ जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी हाड़ कँपाने वाली ठंड का प्रकोप रहेगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह (१६-२२ जनवरी) में भी छत्तीसगढ़ और ओडिशा में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने बताया है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पूर्व भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से २-४ डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।