संक्रमित पत्ता गोभी से फैला जानलेवा संक्रमण
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां फास्ट फूड में इस्तेमाल की गई पत्ता गोभी एक छात्रा के लिए जानलेवा साबित हुई। अमरोहा के चुचेला कला गांव की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा इलमा की मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। परिजनों के अनुसार, करीब एक महीने पहले इलमा को तेज बुखार आया था, जिसे शुरुआत में सामान्य टाइफाइड समझकर इलाज कराया गया। हालांकि, जब उसकी हालत बिगड़ने लगी और सिर दर्द असहनीय हो गया, तब उसे नोएडा और बाद में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां की एमआरआई और सीटी स्कैन रिपोर्ट में डॉक्टर यह देखकर दंग रह गए कि इलमा के दिमाग में 20 से 25 गांठे बन चुकी थीं।
टेपवर्म का दिमाग तक पहुंचना बना मौत का कारण
चिकित्सकों के अनुसार, पत्ता गोभी जैसी हरी सब्जियों में अक्सर ‘टेपवर्म’ (Tapeworm) नाम के कीड़े के अंडे पाए जाते हैं। यदि इन सब्जियों को ठीक से धोया न जाए या कच्चा/अधपका खाया जाए, तो ये अंडे खून के रास्ते दिमाग तक पहुंच जाते हैं। इलमा के मामले में भी यही आशंका जताई गई है कि फास्ट फूड (जैसे मोमोज या चाऊमीन) में इस्तेमाल की गई कच्ची पत्ता गोभी के जरिए यह संक्रमण उसके दिमाग तक पहुंचा, जिससे ‘न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस’ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई। दिल्ली में बड़े ऑपरेशन के बाद भी इलमा की जान नहीं बचाई जा सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कीड़े मिट्टी या गंदे पानी के जरिए सब्जियों पर चिपक जाते हैं और शरीर के अंदर पहुंचकर गांठों का रूप ले लेते हैं।









