केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को राहत देते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) 3.0 के नए चरण की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को लकड़ी और कोयले के धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराना है। इस नए चरण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है, जिससे लाभार्थी घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन के लिए एक रुपया भी खर्च करने की जरूरत नहीं है। सरकार प्रति कनेक्शन ₹1600 की नकद सहायता प्रदान करती है, जो सिक्योरिटी डिपॉजिट, गैस बर्नर (चूल्हा), पाइप और रेगुलेटर के शुल्क को कवर करती है। इसके अलावा, लाभार्थियों को हर रिफिल पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा, जो सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते (DBT) में जमा की जाएगी।
आवेदन की प्रक्रिया को बहुत सरल बनाया गया है:
पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक PMUY पोर्टल पर जाएं।
कंपनी का चयन: अपनी सुविधा के अनुसार इंडियन, भारत गैस या एचपी (HP) गैस कंपनी में से किसी एक को चुनें।
जानकारी भरें: अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड और बैंक खाते का विवरण दर्ज करें।
दस्तावेज अपलोड: आधार, राशन कार्ड और एक स्व-घोषणा पत्र (Declaration Form) ऑनलाइन अपलोड करें।
परिवार का विवरण: परिवार के 18 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की जानकारी देना अनिवार्य है।
आवेदन सबमिट करने के बाद आपको एक रेफरेंस आईडी (Reference ID) मिलेगी, जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। आपका आवेदन सत्यापन के लिए संबंधित गैस एजेंसी के पास भेजा जाएगा। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एजेंसी से आपको कॉल आएगा। पहली बार कनेक्शन लेते समय महिला आवेदक को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए एजेंसी जाना होगा, जहाँ उन्हें फ्री गैस सिलेंडर और चूल्हा सौंप दिया जाएगा।