सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के तहत वेतन सीमा (Wage Ceiling) को संशोधित करने का आदेश दिया है। वर्तमान में यह सीमा ₹15,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹21,000 या ₹25,000 किए जाने की संभावना है। कोर्ट ने सरकार को इस पर निर्णय लेने के लिए 4 महीने का समय दिया है। उल्लेखनीय है कि आखिरी बार यह सीमा सितंबर 2014 में बदली गई थी। इस बदलाव से लाखों नए कर्मचारी पीएफ के दायरे में आएंगे और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
वेतन सीमा बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की ‘टेक होम सैलरी’ और भविष्य की बचत पर पड़ेगा। यदि आपकी बेसिक सैलरी ₹15,000 से अधिक है और अभी आपका पीएफ नहीं कट रहा है, तो नई सीमा लागू होने के बाद आपकी सैलरी से 12% पीएफ कटना शुरू हो जाएगा। हालांकि, इससे आपकी इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम होगी, लेकिन कंपनी का योगदान भी बढ़ेगा, जिससे आपका रिटायरमेंट फंड दोगुना तेजी से जमा होगा। इसके साथ ही, पीएफ पर मिलने वाले 8% से अधिक ब्याज के कारण लंबी अवधि में यह आपके लिए एक बड़ा वित्तीय सहारा बनेगा।












